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नूतन सत्रारम्भ के अवसर पर हम, सभी सुधी छात्राओं, अभिभावकों एवं अध्यापकों को बधाई देते हुए आशा करते हैं कि छात्रा वर्ग और सहयोगी वर्ग आगे भी प्राप्त होता रहेगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वच्छ शैक्षिक परिवेश, नकल विहीन परीक्षा, बेहतर उत्तीर्ण प्रतिशत, बेहतर अनुशासन हमारी प्राथमिकता रही है। अध्ययनरत छात्राओं के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु सहशैक्षिक गतिविधियों के संचालन में हमारा यथासम्भव सहयोग रहा है। इस क्रम में खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता के आयोजन के साथ ही साथ आज के परिवेश में कम्प्यूटर की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क कम्प्यूटर की सुविधा विगत वर्ष से ही महाविद्यालय में उपलब्ध करा दी गयी है।

विद्यार्थियों के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास के लिए कुशल, योग्य एवं अनुभवी अध्यापकों द्वारा महाविद्यालय में नियमित कक्षाएँ ली जाती हैं। आमंत्रित विद्वानों, प्रोफेसर तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान भी दिये जाते हैं। पूरे सत्र में आयोजित प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।

इसके अतिरिक्त महाविद्यालय में साहित्य परिषद का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से पूरे सत्र में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। हमने अनुभव किया है कि ग्रामीणांचल में स्थित मेधावी छात्राएँ अर्थाभाव या उचित मार्गदर्शन के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। इस सत्र से हमारा प्रयास होगा कि प्रत्येक महीने के अन्तिम रविवार को करियर काउंसलर बुलाकर यहाँ अध्ययन करने वाली प्रत्येक छात्राओं को करियर के बारे में सही जानकारी दी जाए, जिससे यहाँ की विद्यार्थी सरकारी सेवाओं में चयनित हों। हमारा प्रयास है कि यहाँ अध्ययन करने वाली छात्राओं को वह सभी सुविधाएँ प्रदान करायी जाए जिससे उनका जीवन और भविष्य बेहतर हो सके।

अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा के साथ इस संस्थान से जुड़कर यह महसूस किया है कि यहाँ प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता मात्र है उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर देने की। विगत सत्र के सफल संचालन में सहयोग के लिए संस्था के प्रबन्धतंत्र, अध्यापक एवं अध्यापिकाएँ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी, अध्ययन करने वाली छात्राएँ एवं अभिभावक निश्चित रूप से साधुवाद के पात्र हैं।